SHRIMAD    BHAGWAT     KATHA              DATE : 31 MAY to 6 JUNE             PLACE : BANARAS

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संत सुश्री 6 वर्ष की उम्र से ही कथाओ के माध्यम से समाज सेवा कर रहे, दीदी जी ने अब तक 500 से ज्यादा कथाओ के माध्यम देश विदेश में धर्म का अलख जगाया है।।
दीदी जी के कथा के मुख्य अंश, प्रकृति संरक्षण,गाय,बालिका,गंगा, बचाओ,नशामुक्ति, दहेज प्रथा विरोध,एवम ऐसे कई सामाजिक मुद्दे है जो आप कथाओ के माध्यम से उठाती आई है।।

2007 में संत सुश्री वर्षा जी नागर को महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंदगिरी जी महाराज ने अपनी मानसपुत्री के रूप में अलंकृत किया।।

दीदी जी मे बिहार, मध्यप्रदेश,उत्तर प्रदेश जैसे राज्यो में नशामुक्ति अभियान चलाकर अब तक 5 लाख युवाओ का नशा मुक्त करवाया है।

संत जी का जन्म ग्राम भन्दावद में राखी के पावन पर्व 6 अगस्त को हुआ , आपके माता-पिता सरकारी विद्यालय में शिक्षक है, आपके दादाजी अपने क्षेत्र के प्रख्यात भगवताचार्य थे।।

 

आपके दादाजी की कथा आपके कुलदेवी मा भेसवा माता जी ग्राम कलाली में चल रही थी, संत जी अपने पिता जी के साथ वहां गई एवम अल्पायु में ही कथा करने की इच्छा व्यक्त की, तब से ही माँ की कृपा एवम जहां संत जी का मुख्य निवास है वही पर मा बगलामुखी का प्रसिद्ध स्थान है उनकी ही कृपापात्र है दीदी जी

आपने अल्पायु से ही कथा आरम्भ कर दी थी इसलिए आपने केवल 10 वी तक ही शिक्षा प्राप्त की।।

आपने अब तक भारत के 22 राज्यो में कथा के माध्यम से समाज सेवा की है, विदेश की धरती सिंगापुर,थाईलैंड में भी आपका धर्म प्रवचन हो चुका है।